शुक्रवार, 27 मई 2022

सफलता

 

यदि सामने पहाड़ हो

चिर कर तुम फाड़ दो।

बवंडर हो यदि सामने

आंधी बन पछाड़ दो।

 

राह में मुश्किल नहीं

कहीं दिशा तो ग़लत नहीं।

सबकुछ तेरी मर्ज़ी का हो

इस बात में तेरा हित नहीं।

 

मुश्किल को तु सीढ़ी बना,

एक एक कदम आगे बढ़ा।

शिखर जिस दिन  सर करे,

पहले तु शिर अपना झुका।

 

सफलता जो अहंकार दे

अब उसको तु नकार दे।

ज्ञान हे वही सही,

विनय को जो आधार दे।

 

सफलता को टिकाना हे,

तो खुद को तुझे तपाना हे।

कुछ सीखने की चाह को

हर क्षण तुझे जगाना हे।

                                                                    

                                                     -Satishkumar D Prajapati