देखो भैया चुनाव हे आया |
लोकशाही का त्योहार हे आया |
बाजे ढोल- नगारे, ताल से ताल,
फुटे फटाके, उड़े रंग- गुलाल |
क्या होली- दिवाली एक-साथ हे आया ?
नहीं भैया चुनाव हे आया !
लोकशाही का त्योहार हे आया |
कोई साड़ी बांटे, लैपटॉप बांटे,
कोई साइकल बांटे, कपडे बांटे |
क्या ऑनलाइन नया सेल हे आया?
नहीं भैया चुनाव हे आया !
लोकशाही का त्योहार हे आया |
वोट डालने का उत्साह हे प्यारे,
हर जगह दिखती लंबी कतारे |
क्या फिरसे जिओ का सिमकार्ड हे आया?
नहीं भैया चुनाव हे आया !
लोकशाही का त्योहार हे आया |
फिक्स वेतन में बढ़ोतरी आई ,
कर्मचारी के मन में खुशिया लाई |
सारे भत्ते मिलने लगे
बैंक बैलेंस सबके बढ़ने लगे |
क्या विदेशी कालाधन वापस हे आया?
नहीं भैया चुनाव हे आया !
लोकशाही का त्योहार हे आया |
कोन सी जाती ,कोन सा पंथ हे,
कोन सवर्ण ओर कोन दलित हे
जाती धर्म में भूल गया था |
मुजको फिरसे याद दिलाया|
क्या कोई ज्ञानी पंडित हे आया?
नहीं भैया चुनाव हे आया !
लोकशाही का त्योहार हे आया |
दागी आया , बेदागी आया ,
वोट मागने नेता घर घर आया |
कई यो का तो कांड भी आया|
क्या पुलिश में नया जोश हे आया?
नहीं भैया चुनाव हे आया !
लोकशाही का त्योहार हे आया |
Disclaimer : This is not to support or oppose any government or political party. These are just thoughts put in poem to create simple humor.....Please do not take it seriously.☺